Bhag Bhag .....
साबुन की शकाल में, बेटा तू तो निकला केवल झाग
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हम तो है कबूतर, दो पहिये का एक scooter ज़िन्दगी जो धकेलो तो चले
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यह भेजा garden है, और tension माली है.. येः मनं का तानपुरा, frustration में छेड़े एक ही राग
And until now i was stuck with
चाय में डूबा biscuit की तरह...
:)
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